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मैहर में सिस्टम शर्मसार! जनजातीय विभाग के कन्या छात्रावास की छात्राएं चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर, घर से ला रहीं राशन; वीडियो वायरल होने से हड़कंप

मैहर में सिस्टम शर्मसार! जनजातीय विभाग के कन्या छात्रावास की छात्राएं चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर, घर से ला रहीं राशन; वीडियो वायरल होने से हड़कंप

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The Khabrilal

Updated On: May 30, 2026, 5:55 AM IST

Published On: May 30, 2026, 6:01 AM IST

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मैहर, मध्य प्रदेश: मैहर जिले से जनजातीय कार्य विभाग (Tribal Welfare Department) के दावों की धज्जियां उड़ाती एक बेहद शर्मनाक और विचलित करने वाली जमीनी हकीकत सामने आई है। जिले के वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास की बदहाली और भारी कुप्रबंधन की पोल खोलता एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देश का भविष्य और बेटियां पढ़ाई छोड़कर हॉस्टल परिसर में खुद चूल्हा जलाकर खाना बनाती नजर आ रही हैं। मैहर की भीम आर्मी द्वारा इस वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के बाद से प्रशासनिक अमले और जनजातीय कार्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

पढ़ाई छोड़ चूल्हा फूंकने को मजबूर बेटियां, घर से मंगवाना पड़ रहा अनाज

वायरल वीडियो में छात्राओं ने जो आपबीती सुनाई है, वह सरकारी दावों और आदिवासी कल्याण की योजनाओं के मुंह पर करारा तमाचा है:

  • 2 महीने से भूखी हैं छात्राएं: हॉस्टल में रह रही छात्राओं का आरोप है कि पिछले करीब दो महीनों से छात्रावास की स्थिति नरकीय बनी हुई है। उन्हें मेनू के अनुसार तो दूर, नियमित रूप से सामान्य भोजन भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
  • मजबूरी में घर से आ रहा राशन: पेट भरने के लिए मजबूरन छात्राओं को अपने-अपने घरों से अनाज, दाल और अन्य खाद्य सामग्री मंगवानी पड़ रही है।
  • भविष्य से खिलवाड़: छात्राओं का कहना है कि वे यहाँ अपने सुनहरे भविष्य को संवारने, पढ़ाई करने और प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exams) की तैयारी करने आई हैं। लेकिन उनका पूरा समय लकड़ी बीनने, चूल्हा जलाने और खाना पकाने जैसी दैनिक व्यवस्थाओं में ही बर्बाद हो रहा है।

धुएं के बीच रहने को मजबूर; स्वास्थ्य पर मंडराया खतरा

छात्राओं ने छात्रावास प्रबंधन और अधीक्षिका (Warden) पर लापरवाही और तानाशाही का गंभीर आरोप लगाया है। हॉस्टल में रहने वाली बालिकाओं को मूलभूत सुविधाएं तक मयस्सर नहीं हैं। चूल्हे पर खाना बनाने की वजह से हॉस्टल परिसर में दिनभर धुएं का गुबार रहता है, जिससे इन मासूम छात्राओं के फेफड़ों और आंखों (स्वास्थ्य) पर गंभीर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।

भीम आर्मी के ट्वीट के बाद मचा हड़कंप, जनता ने खोला मोर्चा

जैसे ही भीम आर्मी ने इस जमीनी हकीकत का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर डाला, वैसे ही जनता का गुस्सा भड़क उठा। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने तीखे लहजे में सवाल दागते हुए पूछा है कि:

  1. छात्रावास के नाम पर आने वाला सरकारी बजट और राशन आखिर किसकी जेब में जा रहा है?
  2. क्या ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा केवल विज्ञापनों तक सीमित है, जो मैहर में बेटियां चूल्हा फूंकने को विवश हैं?
  3. लापरवाह छात्रावास अधीक्षक और विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक सस्पेंशन (निलंबन) की गाज क्यों नहीं गिरी?

फिलहाल, पीड़ित छात्राओं ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस भ्रष्टाचार और अव्यवस्था को तत्काल सुधारा जाए और नियमित भोजन की व्यवस्था की जाए ताकि वे बिना किसी मानसिक तनाव के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। अब देखना यह है कि मैहर जिला प्रशासन इस वायरल वीडियो पर क्या दंडात्मक कार्रवाई करता है।

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