सतना, मध्य प्रदेश: सतना शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है। सिविल लाइन थाना अंतर्गत हाटी रोड स्थित गांधीनगर की एक सामान्य दुकान में खुलेआम अवैध शराब और बीयर बेचे जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है, जिसमें फ्रिज के भीतर ठंडी होने के लिए बाकायदा बीयर की बोतलें सजी हुई साफ नजर आ रही हैं।

लाइसेंस एक दुकान का, पैकारी पूरे इलाके में!
स्थानीय सूत्रों और ग्राउंड इनपुट्स से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरा खेल एक सोची-समझी साठगांठ के तहत चल रहा है:
- दुकानों से हो रही पैकारी: आरोप है कि सिविल लाइन स्थित मुख्य शराब दुकान से ही इस अवैध पैकारी (अवैध सप्लाई) को अंजाम दिया जा रहा है। गांधीनगर की दुकान में पकड़ी गई शराब भी इसी मुख्य दुकान से सप्लाई की गई थी।
- गांव-गांव में खुली अवैध ‘ब्रांच’: सिविल लाइन शराब दुकान के मैनेजर और पैकारी मैनेजर ने मिलकर अपने पूरे क्षेत्र के हर गांव-गांव में अवैध ‘ब्रांच’ (किराने की दुकानों या अन्य ठिकानों पर) बनवा रखी है। नियमतः ठेकेदार के पास केवल एक तय दुकान का लाइसेंस होता है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि पूरा इलाका ही मधुशाला बना दिया गया है।
“ठेकेदार को प्राप्त है ‘साहब’ का संरक्षण!”
इस बेखौफ अवैध कारोबार को लेकर जनता और जागरूक नागरिकों में भारी आक्रोश है। क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि:
“यह अवैध शराब का धंधा बिना प्रशासनिक मिलीभगत के मुमकिन नहीं है। शराब ठेकेदार और उसके गुर्गों को इलाके के ‘साहब’ का सीधा संरक्षण प्राप्त है। यही वजह है कि बिना किसी कानूनी खौफ के, जगह-जगह रिहायशी इलाकों और बस्तियों में अवैध शराब की दुकानें संचालित हो रही हैं और जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।”
युवा पीढ़ी को नशे में धकेलने का ‘गठजोड़’
स्थानीय नागरिकों का गंभीर आरोप है कि सतना शहर के कुछ शराब ठेकेदार, उनके मैनेजर और पैकारी मैनेजरों ने सरकार के कुछ भ्रष्ट एजेंटों के साथ मिलकर एक खतरनाक सिंडिकेट बना लिया है। यह गठजोड़ चंद रुपयों के मुनाफे के लिए शहर और ग्रामीण अंचल की युवा पीढ़ी को नशे की गर्त में धकेलकर उन्हें बर्बाद करने पर तुला हुआ है।
अब जनता पूछ रही सवाल: कब जागेगा प्रशासन?
वीडियो साक्ष्य सामने आने के बाद अब सिविल लाइन पुलिस और आबकारी विभाग (Excise Department) के दावों की पोल खुल चुकी है। जनता अब सीधे जिला प्रशासन और पुलिस कप्तान से सवाल पूछ रही है:
- वीडियो में साफ दिख रही अवैध शराब की दुकान पर सिविल लाइन थाना पुलिस अब तक कार्रवाई क्यों नहीं कर सकी?
- लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन कर गांव-गांव पैकारी कराने वाले ठेकेदार का लाइसेंस आखिर कब रद्द किया जाएगा?
- क्या ‘साहब’ के संरक्षण के आगे कानून असहाय हो चुका है, या फिर इस वायरल वीडियो के बाद कोई ठोस और दंडात्मक कार्रवाई देखने को मिलेगी?






