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सतना एयरपोर्ट की खुली पोल! CM मोहन यादव के वीआईपी दौरे में फेल हुए एसी (AC), करोड़ों की बिल्डिंग में लगाना पड़ा जंबो कूलर

सतना एयरपोर्ट की खुली पोल! CM मोहन यादव के वीआईपी दौरे में फेल हुए एसी (AC), करोड़ों की बिल्डिंग में लगाना पड़ा जंबो कूलर

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The Khabrilal

Published On: May 24, 2026, 10:23 AM IST

Updated On: May 24, 2026, 10:25 AM IST

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सतना, मध्य प्रदेश: करोड़ों रुपये की भारी-भरकम लागत से चमकाया गया सतना हवाई अड्डा (Satna Airport) एक बार फिर अपनी बदइंतजामी को लेकर सुर्खियों में है। शनिवार को सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सतना आगमन के दौरान एयरपोर्ट के वीआईपी टर्मिनल की व्यवस्थाओं की हवा निकल गई। सीएम के स्वागत की बड़ी-बड़ी तैयारियों के बीच ऐन वक्त पर एयरपोर्ट भवन के एयर कंडीशनर (AC) सिस्टम ने जवाब दे दिया। इसके बाद वीआईपी मूवमेंट के दौरान मचे हड़कंप के बीच प्रशासनिक अधिकारियों को आनन-फानन में ‘जंबो कूलरों’ का जुगाड़ करना पड़ा।

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आधुनिक टर्मिनल भवन में ‘कूलर’ का सहारा, भीषण गर्मी में छूटे पसीने

मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने एयरपोर्ट पर चाक-चौबंद सुरक्षा और सुविधाओं के दावे किए थे, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली।

  • क्वालिटी पर उठे सवाल: भीषण गर्मी के इस दौर में जब वीआईपी लाउंज का एसी सिस्टम अचानक ठप हुआ, तो करोड़ों के निर्माण कार्य और उसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
  • अधिकारी-कर्मचारी बेहाल: उमस और गर्मी के कारण एयरपोर्ट परिसर में मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और आगंतुकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आधुनिक सुविधाओं का दावा करने वाले इस चमचमाते टर्मिनल भवन में जब तक सीएम का मूवमेंट रहा, तब तक कूलरों के सहारे ही माहौल को ठंडा रखने की नाकाम कोशिश की जाती रही।

रनवे छोटा होने से नहीं उतर पाते बड़े विमान; रीवा पर निर्भरता

सतना हवाई अड्डे की यह कोई पहली कमी नहीं है, यह एयरपोर्ट लंबे समय से बुनियादी तकनीकी खामियों का दंश झेल रहा है:

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  • रनवे का ‘शॉर्टकट’: स्थानीय स्तर पर लगातार यह मुद्दा उठ रहा है कि सतना एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई तय मानकों के अनुरूप नहीं बनाई गई है।
  • रीवा जाना पड़ता है वीआईपी को: रनवे छोटा होने के कारण यहाँ बड़े कमर्शियल और वीआईपी विमानों की लैंडिंग संभव नहीं हो पाती। यही वजह है कि केंद्र और राज्य स्तर के कई वीआईपी पहले रीवा हवाई अड्डे पर लैंड करते हैं और फिर वहां से सड़क मार्ग या हेलिकॉप्टर के जरिए सतना आते हैं।

जनता का सवाल: करोड़ों खर्च, फिर भी नियमित उड़ानें क्यों नहीं?

क्षेत्रीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जनता के टैक्स की भारी राशि पानी की तरह बहाने के बाद भी सतना को नियमित विमान सेवाओं (Regular Flights) की सौगात नहीं मिल सकी है। ऊपर से वीआईपी दौरे में एसी फेल होने जैसी घटनाओं ने सतना के विकास के दावों की जमीनी हकीकत उजागर कर दी है। अब देखना यह है कि इस फजीहत के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और जिम्मेदार एजेंसियां इन कमियों को कब तक दुरुस्त करती हैं।

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