
ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा रिफंड, रोपवे प्रबंधन ने जारी की जानकारी
thekhabrilal.in | Maihar News: मध्यप्रदेश के सतना जिले में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां शारदा मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। मैहर मां शारदा रोपवे सेवा को 14 मार्च तक बंद कर दिया गया है। मंदिर प्रशासन द्वारा बताया गया है कि चैत्र नवरात्रि से पहले रोपवे की आवश्यक मरम्मत और मेंटेनेंस कार्य कराया जा रहा है, जिसके चलते फिलहाल रोपवे का संचालन बंद रहेगा।
मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार मैहर मां शारदा रोपवे सेवा बंद रहने के दौरान श्रद्धालुओं को त्रिकूट पर्वत पर स्थित मंदिर तक पहुंचने के लिए पैदल मार्ग का उपयोग करना होगा। मंदिर तक पहुंचने के लिए लगभग 1063 सीढ़ियों का मार्ग उपलब्ध है, जिसके जरिए श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं।
बताया गया है कि चैत्र नवरात्रि के दौरान मां शारदा मंदिर में देशभर से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मैहर मां शारदा रोपवे की तकनीकी जांच और मेंटेनेंस का कार्य कराया जा रहा है ताकि नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मंदिर प्रशासन ने यह भी जानकारी दी है कि जिन श्रद्धालुओं ने पहले से ऑनलाइन टिकट बुक कराए हैं, उन्हें रिफंड की प्रक्रिया के माध्यम से राशि वापस कर दी जाएगी। इसके लिए रोपवे प्रबंधन द्वारा संबंधित प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मैहर मां शारदा रोपवे सेवा बंद होने के कारण इन दिनों श्रद्धालुओं की संख्या में थोड़ी कमी देखने को मिल सकती है, लेकिन मंदिर में दर्शन की व्यवस्था पहले की तरह ही जारी रहेगी। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।
मंदिर परिसर और पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए साफ-सफाई, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। प्रशासन का कहना है कि नवरात्रि शुरू होने से पहले रोपवे सेवा को दोबारा शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।
मां शारदा मंदिर मध्यप्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। इसे देश के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में गिना जाता है। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और विशेष अवसरों पर यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती है।
मंदिर प्रबंधन समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि रोपवे सेवा बंद रहने के दौरान धैर्य रखें और पैदल मार्ग से ही दर्शन के लिए पहुंचें। साथ ही प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि सभी श्रद्धालुओं को सुचारू रूप से दर्शन का लाभ मिल सके।


