सतना: नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के विधानसभा क्षेत्र रैगांव में विकास के दावों की पोल खोलती तस्वीरें सामने आई हैं। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में वे सड़क निर्माण और स्कूल भवन की बुनियादी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर हैं। वहीं दूसरी ओर, पक्की सड़क न होने के कारण ग्रामीण मरीज को खाट पर उठाकर अस्पताल पहुंचाने के लिए विवश हैं।

27 जुलाई से भूख हड़ताल, अधिकारियों के आश्वासन पर समाप्त
घटनाक्रम और क्षेत्रीय समस्याओं से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- छात्राओं की भूख हड़ताल: रैगांव विधानसभा के ग्राम छुलहा (पंचायत गिंजरा) और करसरा के समीप बौलिहा के स्कूली छात्र-छात्राएं बुनियादी सुविधाओं के अभाव में 27 जुलाई 2026 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए थे।
- प्रशासन का हस्तक्षेप: आंदोलन की सूचना मिलते ही एसडीएम ग्रामीण एलआर जांगड़े, तहसीलदार प्रज्ञा द्विवेदी और जनपद सीईओ प्रतिपाल बागर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों द्वारा मांगों के निराकरण का आश्वासन दिए जाने के बाद आंदोलनकारी विद्यार्थियों ने भूख हड़ताल समाप्त की।
- खाट बनी एंबुलेंस: गौरैया ग्राम पंचायत के रामपुरा गांव में लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी सड़क पिछले 20 वर्षों से दलदल और गड्ढों में तब्दील है। शनिवार को एक बुजुर्ग महिला की तबीयत बिगड़ने पर एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद परिजनों को मरीज को खाट पर लादकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों और ग्रामीणों की 4 प्रमुख मांगे
- करसरा स्कूल भवन: शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल करसरा के लिए शीघ्र स्थायी भवन का निर्माण कराया जाए।
- सड़क निर्माण: करसरा से बौलिहा तक जाने वाले बदहाल मार्ग का तत्काल डामरीकरण/निर्माण हो।
- अतिक्रमण से मुक्ति: बौलिहा प्राथमिक शाला की भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को हटाया जाए।
- राजस्व ग्राम का दर्जा: लगभग 1000 से 1200 की आबादी वाले बौलिहा क्षेत्र को पृथक ‘राजस्व ग्राम’ घोषित किया जाए।
मामले का संक्षिप्त विवरण
- विधानसभा क्षेत्र: रैगांव (विधायक व राज्यमंत्री: प्रतिमा बागरी)।
- प्रभावित क्षेत्र: ग्राम छुलहा (गिंजरा), बौलिहा (करसरा) एवं रामपुरा (गौरैया)।
- मुख्य मुद्दे: बदहाल सड़क, स्कूल भवन का अभाव, एंबुलेंस न पहुंच पाना।
- वर्तमान स्थिति: प्रशासनिक अधिकारियों के लिखित/मौखिक आश्वासन के बाद हड़ताल स्थगित।

