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प्रदेशभर में जनआंदोलन बना MP पुलिस का राज्यव्यापी अभियान ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’; चौके दिन 1,300 से अधिक कार्यक्रमों के ज़रिए 8.30 लाख लोगों तक पहुँचा नशामुक्ति का संदेश

प्रदेशभर में जनआंदोलन बना MP पुलिस का राज्यव्यापी अभियान ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’; चौके दिन 1,300 से अधिक कार्यक्रमों के ज़रिए 8.30 लाख लोगों तक पहुँचा नशामुक्ति का संदेश

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The Khabrilal

Published On: Jul 19, 2026, 9:08 PM IST

Updated On: Jul 19, 2026, 9:08 PM IST

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भोपाल: मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नशे के ख़िलाफ़ चलाए जा रहे राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ को प्रदेशभर में अभूतपूर्व जनसमर्थन मिल रहा है। अभियान के चौथे दिन (19 जुलाई) पुलिस प्रशासन ने अपनी गतिविधियों को और तेज़ करते हुए पूरे प्रदेश में 1,300 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन आयोजनों के ज़रिए एक ही दिन में 8 लाख 30 हजार से अधिक नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं और महिलाओं तक नशे के दुष्प्रभावों का संदेश पहुँचाया गया और उन्हें नशामुक्त जीवन का संकल्प दिलाया गया।


रैलियों, नुक्कड़ नाटकों और डिजिटल प्लेज से जगाई अलख; इंदौर रहा अव्वल

प्रदेशभर के विभिन्न ज़िलों में आयोजित मुख्य कार्यक्रमों का ब्योरा इस प्रकार है:

  • इंदौर नगरीय की सबसे बड़ी पहुँच: इंदौर ने अकेले 4 लाख 39 हजार से अधिक लोगों तक पहुँच बनाकर पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। यहाँ साइक्लोथॉन, राजबाड़ा पर विशेष आयोजन, 60 से अधिक बिलबोर्ड्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की रील्स के ज़रिए युवाओं को जागरूक किया गया।
  • बैतूल में टेक-इनोवेशन (डिजिटल शपथ): बैतूल पुलिस ने तकनीक का अनूठा उपयोग करते हुए ‘ऑनलाइन नशा मुक्ति प्लेज’ की शुरुआत की, जिससे 50 हजार से अधिक नागरिकों ने डिजिटल रूप से जुड़कर शपथ ली।
  • आदिवासी व स्थानीय बोलियों में प्रचार: आलीराजपुर में साप्ताहिक हाट-बाजारों में ‘जागरूकता रथ’ के माध्यम से स्थानीय भीली और निमाड़ी बोली में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर ग्रामीणों को नशामुक्त रहने का संदेश दिया गया।
  • सिंगरौली में मानव श्रृंखला: बिलौंजी स्थित सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के लगभग 1,600 छात्र-छात्राओं ने विशाल मानव श्रृंखला बनाकर समाज को नशामुक्ति का कड़ा संदेश दिया।

ज़िलावार रिपोर्ट: कहाँ-क्या रहे मुख्य आयोजन?

  1. बुरहानपुर (1.35 लाख लोग): स्कूलों में चित्रकला, निबंध, रंगोली, नुक्कड़ नाटक और रैप डांस प्रतियोगिताओं के ज़रिए विद्यार्थियों को जोड़ा गया।
  2. बालाघाट व मंडला: बालाघाट में 172 आयोजनों से 30,000+ लोग और मंडला में 70 कार्यक्रमों के ज़रिए ग्रामीण व संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुँच बनाई गई।
  3. जीआरपी भोपाल: रेलवे स्टेशनों पर कुलियों, ऑटो चालकों और यात्रियों के बीच विशेष सत्र चलाकर 20,700 से अधिक लोगों को जागरूक किया गया।
  4. कड़ा प्रहार (रीवा, खंडवा व बड़वानी): रीवा में जागरूकता के साथ-साथ स्कूलों के पास पान-गुटखा बेचने वालों पर चालानी कार्रवाई की गई। खंडवा और बड़वानी में भी तंबाकू विक्रेताओं के ख़िलाफ़ विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया।
  5. डिंडोरी, राजगढ़, आगर मालवा व अनूपपुर: डिंडोरी में कचरा गाड़ियों के लाउडस्पीकर, राजगढ़ में प्रचार वाहनों, आगर मालवा में जनचौपालों और अनूपपुर में सामूहिक शपथ ग्रहण के माध्यम से अभियान चलाया गया।

अभियान की मुख्य सांख्यिकी

  • कुल आयोजित कार्यक्रम (दिन 4): 1,300 से अधिक।
  • कुल लाभांवित नागरिक: 8,30,000 से अधिक।
  • शीर्ष ज़िला (पहुँच में): इंदौर (4.39 लाख+ लोग)।
  • डिजिटल शपथ (बैतूल ज़िला): 50,000+ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन।
  • जीआरपी भोपाल की पहुँच: 20,700+ रेल यात्री एवं स्टेशन स्टाफ।
  • सहयोगी विभाग: सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग।
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