अब नहीं होगा पलायन ! प्रदेश की योगी सरकार ने ब्लैक पॉटरी उद्योग को दी बड़ी सौगात

0
1328
DJLAFªF¸F¦FPXÞ : d³FªFF¸FF¶FFQ IYe ¶»F`IY ´FFMXSXe Ü
Advertisement Girl in a jacket

रिपोर्ट : पितेश्वर कुमार

आजमगढ़ जिले के निजामाबाद की विश्व प्रसिद्ध ब्लैक पाटरी अब किसी परिचय का मोहताज नहीं है। हस्तशिल्पियों के उत्पाद विदेशों में लोगों के डायनिंग हाल की शोभा बढ़ा रहे हैं। सरकार की कई महात्वाकांक्षी योजनाओं से इस उद्योग को न सिर्फ बढ़ावा मिला बल्कि जो कुम्हार अथवा शिल्पकार इस पेशे को छोड़ चुके थे, सिर्फ वहीं नहीं अब तो पूरा परिवार इस उद्योग को सजाने और सवारने में जुटा हुआ है। जिसके कारण यह उद्योग फर्श से अर्श तक पहुंच गया है। अब प्रदेश की योगी सरकार ने माटी कला बोर्ड का गठन करने जा रही है, जिससे की इस उद्योग से जुड़े कारीगरों के दिन बहुरने वाले है।
आजमगढ़ ज़िले का निजामाबाद कस्बा मुगलकाल से ही काली मिट्टी के बर्तन बनाने में पूरा गांव लगा रहता है। इस कला में लगे कारीगर अपनी कला से मिट्टी को आकार देकर विश्व में जिले की पहचान बनाएं। उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा पहले जीआइ सूचकांक और बाद में ’वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडकट’ योजना में चयन के बाद निजामाबाद की ब्लैक पॉटरी कारोबार ने रफ्तार पकड़ ली है। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा हस्तशिल्पियों को पुरस्कृत किए जाने के साथ अब ऋण की भी योजना ने भी इस उद्योग को बढ़ावा देने के लिए संजीवनी का काम किया। सरकार के शिल्पकारों के प्रोत्साहन के बाद तो कारीगर अपने हुनर से विश्व में ब्लैक पाटरी व टेराकोटा का परचम लहरा रहे हैं। अब यहां के दर्जनों गांवों के कुम्हार जो अपने परम्परागत व्यवसाय से दूर हो गये थे वे अब पुनः इस उद्योग में लौट आये है। यही नहीं अब पूरा परिवार अपने परम्परागत पेशे में पूरी तन्मयता से अपनी कला का प्रदर्शन करने में जुटा है। शिल्पकारों का कहना है कि मिटटी सहित तमाम समस्याओं को देखते हुए पहले तो वे अपने इस परम्परागत पेशे से काफी दूर हो गये थे लेकिन सरकार के प्रयासों से दम तोड़ रहे पाटरी उद्योग को एक नई उम्मीद की किरण दिखाई दी है, जिससे अब पूरा परिवार अपने परम्परागत उद्योग में जुट गया है। क्यूकि अब उन्हें मिटटी आदि जैसी समस्याएं नहीं हो रही है।
प्रदेश की योगी सरकार के प्रयासों से न सिर्फ दम तोड़ रहे इस उद्योग को बढ़ावा मिल रहा है बल्कि सरकार के माटी कला बोर्ड का गठन होते ही कारीगरों के जीवनस्तर में भी हद तक सुधार हो जायेगा।